
*रतनपुर तहसील अंतर्गत कंचनपुर ग्राम पंचायत में ST जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त का खुलासा, फर्जी जाति दिखाकर किया नामांतरण, 20 जुलाई को कलेक्टर करेंगे सुनवाई*
*जीशान अंसारी की रिपोर्ट*

_बिलासपुर / रतनपुर:_ ग्राम पंचायत _कंचनपुर, तहसील रतनपुर_ में _अनुसूचित जनजाति की संरक्षित भूमि_ को फर्जी तरीके से बेचने और नामांतरित करने का गंभीर मामला सामने आया है। राजस्व अभिलेखों में हेरा-फेरी कर खसरा नंबर *324/1 और 324/2* की जमीन को गैर-आदिवासी के नाम कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर बिलासपुर ने जांच के आदेश दिए हैं और *20 जुलाई 2026* को सुनवाई तय की है।
*शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन*

ग्राम कंचनपुर के एक आवेदक ने जिला कलेक्टर बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष *2021-22* में राजस्व निरीक्षक मंडल _चपोरा_ के अंतर्गत कंचनपुर गांव में ST वर्ग की भूमि को नियमों को ताक पर रखकर बेचा गया। शिकायत की जांच के लिए कलेक्टर ने _अपर कलेक्टर_ को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। अपर कलेक्टर द्वारा आवेदक को अपना पक्ष रखने के लिए *20 जुलाई 2026, दिन सोमवार* को जिला कलेक्टर कार्यालय बिलासपुर में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया है।
आवेदक सभी दस्तावेजों के साथ पेश होकर उक्त भूमि को _”शून्य”_ घोषित करने की मांग करेंगे। इसके बाद जिला प्रशासन और राजस्व विभाग आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगा।

*कैसे किया गया फर्जीवाड़ा शिकायत में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। आरोप है कि संरक्षित ST भूमि को बेचने के लिए विक्रेता और खरीदार दोनों की जाति में बदलाव कर दिया गया।
*खसरा नंबर 324/1:*
विक्रेता – _अशरफ मोहम्मद पिता हनीफ मोहम्मद_
राजस्व रिकॉर्ड में जाति – _”सामान्य मुसलमान”_ दर्शाई गई*खसरा नंबर 324/2:*
विक्रेता – _कन्हैयालाल गंधर्व पिता बिरन सिंह गंधर्व_
राजस्व रिकॉर्ड में जाति – _”अनुसूचित जाति”_ दर्शाई गई
*खरीदार दोनों खसरा में:*
_सुभाष चंद्र अग्रवाल पिता स्व. कालूराम अग्रवाल, निवासी रतनपुर_
रिकॉर्ड में जाति – _”सामान्य”_वर्तमान में दोनों खसरों का नामांतरण भी _श्री सुभाष चंद्र अग्रवाल_ के नाम पर दर्ज है।
*कानून का उल्लंघन*
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता और _अनुसूचित जनजाति भूमि संरक्षण अधिनियम_ के अनुसार ST वर्ग की भूमि को गैर-आदिवासी को बेचा या नामांतरित नहीं किया जा सकता। प्रथम दृष्टया यह पूरा विक्रय और नामांतरण अवैध प्रतीत होता है। शिकायतकर्ता ने सबूत के तौर पर विक्रेता का जाति प्रमाण पत्र क्रमांक *1556 दिनांक 29.09.2005* और अनुमंडल अधिकारी सिमडेगा का पत्र क्रमांक *336 दिनांक 25.10.2021* भी संलग्न किया है।
*गांव में आक्रोश, जांच की मांग*
इस मामले के सामने आने के बाद कंचनपुर सहित पूरे रतनपुर क्षेत्र में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि _”जब शासन ST जमीन की सुरक्षा के लिए इतना सख्त है, तो फिर राजस्व विभाग की मिलीभगत से ये नामांतरण कैसे हो गया?”_ लोगों का आरोप है कि इस फर्जीवाड़े में राजस्व कर्मियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। *आगे क्या होगी कार्रवाई*
20 जुलाई की सुनवाई में यदि आरोप सही साबित होते हैं तो जिला प्रशासन के पास 3 विकल्प हैं:
1. *नामांतरण निरस्त:* अवैध नामांतरण को शून्य घोषित कर भूमि को मूल ST खातेदार या शासन के नाम करना।
2. *विक्रय निरस्त:* फर्जी विक्रय विलेख को अवैध घोषित करना।
3. *दोषियों पर कार्रवाई:* फर्जीवाड़े में शामिल राजस्व अधिकारियों, विक्रेता और खरीदार के खिलाफ IPC और SC-ST एक्ट के तहत FIR।
अब सबकी नजरें 20 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है।















